दमा रोग में सावधानियाँ
*दमा दम के साथ जाएगा यह कथन गलत सिद्ध हो सकती है अगर आप साथ दें तो फैसला आपके हाथ मे वन्देमातरम* *दमा रोग में सावधानियाँ :* *• दमा के रोगी को खाली दूध कभी नहीं लेना चाहिए। उसमें कुछ न कुछ डालकर ही पीना चाहिए।* *• ऐसा रोगी दही का सेवन बिल्कुल बंद कर दे। विशेषकर भैंस के दूध का दही उसके लिए अधिक हानि कारक होता है।* *• दमा के रोगी को कभी भी पेट भरकर नहीं खाना चाहिए। आधा पेट भोजन से भरें । एक चौथाई पानी के लिए रखें तथा एक चौथाई वायु के लिए। ऐसा करने से साँस लेना सरल हो जाएगा। रोग शांत रहेगा।* *• रात का खाना सोने से दो घंटे पूर्व करें। रात का खाना खाकर 100-150 कदम जरूर चलें।* *• भोजन में खटाई, मिर्च-मसाले तथा तले पदार्थ न लें।* *• बहुत ठंडे पेय, जल या अन्य पेय पदार्थ न लें।* *• बासी भोजन न खाएँ।* *• भारी भोजन से बचें। भोजन सुपाच्य तथा हल्का ही किया करें।* *• फलों तथा सब्जी की भोजन में अधिकता रखें।* *• जब खेतों में या पेड़-पौधों में बौर आ जाती है तब कुछ लोगों को ठीक नहीं लगता। एलर्जी हो जाती है। यदि इसका पता चल जाए तो महीनाभर के लिए स्थान परिवर्तन कर, बौर के प्रभाव से बचा जा सकता है।* *•...