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Showing posts from December, 2022

आयुर्वेदिक दोहे

 👉🏼 *∥ आयुर्वेदिक दोहे ∥* 👈🏼 १Ⓜदही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय, होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय.. २Ⓜबहती यदि जो नाक हो, बहुत बुरा हो हाल, यूकेलिप्टिस तेल लें, सूंघें डाल रुमाल.. ३Ⓜअजवाइन को पीसिये , गाढ़ा लेप लगाय, चर्म रोग सब दूर हो, तन कंचन बन जाय.. ४Ⓜअजवाइन को पीस लें , नीबू संग मिलाय, फोड़ा-फुंसी दूर हों, सभी बला टल जाय.. ५Ⓜअजवाइन-गुड़ खाइए, तभी बने कुछ काम, पित्त रोग में लाभ हो, पायेंगे आराम.. ६Ⓜठण्ड लगे जब आपको, सर्दी से बेहाल, नीबू मधु के साथ में, अदरक पियें उबाल.. ७Ⓜअदरक का रस लीजिए. मधु लेवें समभाग, नियमित सेवन जब करें, सर्दी जाए भाग.. ८Ⓜरोटी मक्के की भली, खा लें यदि भरपूर, बेहतर लीवर आपका, टी.बी भी हो दूर.. ९Ⓜगाजर रस संग आँवला, बीस औ चालिस ग्राम, रक्तचाप हिरदय सही, पायें सब आराम.. १०Ⓜशहद आंवला जूस हो, मिश्री सब दस ग्राम, बीस ग्राम घी साथ में, यौवन स्थिर काम.. ११Ⓜचिंतित होता क्यों भला, देख बुढ़ापा रोय, चौलाई पालक भली, यौवन स्थिर होय.. १२Ⓜलाल टमाटर लीजिए, खीरा सहित सनेह, जूस करेला साथ हो, दूर रहे मधुमेह.. १३Ⓜप्रातः संध्या पीजिए, खाली पेट सनेह,  जामुन-गुठली पीसिये...

ଶ୍ରୀସୂକ୍ତମ୍ (ଋଗ୍ଵେଦୀୟ)

 // ଶ୍ରୀସୂକ୍ତମ୍ (ଋଗ୍ଵେଦୀୟ) // •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ସୁଖ-ସମୃଦ୍ଧି ପ୍ରାପ୍ତିର ଅମୋଘମନ୍ତ୍ର : ଶ୍ରୀସୂକ୍ତମ୍ ~ ଦେବୀ ଲକ୍ଷ୍ମୀଙ୍କ ଉପାସନା ପାଇଁ ସମର୍ପିତ ବେଦୋକ୍ତ ସିଦ୍ଧ ମନ୍ତ୍ର ସମୂହ। ପ୍ରତ୍ୟେକ ମନ୍ତ୍ରରେ ଅତି ଗୂଢ ରହସ୍ୟ ରହିଛି ଯାହା ଶ୍ରଦ୍ଧା ଭକ୍ତିର ସହ ପାଠ କଲେ ଅଚଳାଚଳ ସମ୍ପତ୍ତି ପ୍ରାପ୍ତି ହୁଏ। ଦେବୀ ଲକ୍ଷ୍ମୀଙ୍କୁ ପ୍ରସନ୍ନ କରିବାପାଇଁ ଏହାଠାରୁ ସରଳ ଓ ଅମୋଘ ଉପାୟ ଆଉ ନାହିଁ। ଶ୍ରୀସୂକ୍ତ ନିତ୍ୟପାଠ ଦ୍ବାରା, ଦୀପାବଳୀ ଅମାବାସ୍ୟା ତଥା ମାର୍ଗଶୀର ଲକ୍ଷ୍ମୀ ପୂଜନରେ ପାଠ କରି ମାତା ଲକ୍ଷ୍ମୀଙ୍କୁ ନିଜ ଗୃହକୁ ଆକର୍ଷିତ କରାଯାଇପାରିବ। ଶ୍ରୀବିଦ୍ୟା ସାଧନା କରିବାପାଇଁ ଇଚ୍ଛୁକ ବ୍ୟକ୍ତିମାନେ ଶ୍ରୀଯନ୍ତ୍ର ସମ୍ମୁଖରେ ଆର୍ତ୍ତଭାବରେ ଭକ୍ତିର ସହ ଏହି ମନ୍ତ୍ର ସମୂହ ପାଠକଲେ ଐଶ୍ବର୍ଯ୍ୟ, ବୈଭବ ସମ୍ବନ୍ଧିତ ସମସ୍ତ ମନୋକାମନା ପୂର୍ତ୍ତି ହୁଏ।ଏହା ଋକ୍ ବେଦରେ ଦ୍ବିତୀୟ ଅଧ୍ୟାୟର ଷଷ୍ଠସୂକ୍ତରେ ଆନନ୍ଦକର୍ଦମ ଋଷିଙ୍କଦ୍ବାରା ଶ୍ରୀଦେବତାଙ୍କୁ ସମର୍ପିତ କାବ୍ୟାଂଶ ଅଟେ। କେବଳ ଅର୍ଥ ଓ ମହତ୍ତ୍ବ ଏଠାରେ ବୁଝାଯାଇଛି। ବିନିଯୋଗ:- ଓଁ ହିରଣ୍ୟବର୍ଣ୍ଣାମିତ୍ୟାଦି ପଞ୍ଚଦଶର୍ଚସ୍ୟ ଶ୍ରୀ ସୂକ୍ତସ୍ୟ, ଆନନ୍ଦ-କର୍ଦମ-ଚିକ୍ଳୀତେନ୍ଦିରାସୁତା-ଋଷୟଃ, ଆଦ୍ୟାସ୍ତିସ୍ରୋଦ୍ଧନୁଷ୍ଟାଭଃ ଚତୁର୍ଥୀ ବୃହତୀପ୍ରସ୍ତାରପଂକ୍ତିଃ ପଞ୍ଚମୀ, ଷଷ୍ଠୌ ତ୍ରିଷ୍ଟୁଭୌ, ସପ୍ତମ୍ୟାଦ୍ୟାଶ୍ଚତୁର୍ଦଶ୍ୟନ୍ତା,...

शुद्ध शहद की पहचान और प्रयोग

 *शुद्ध शहद की पहचान और प्रयोग* बाजार में और आपके दरवाजे पे आपने शहद बेचते देखा होगा क्या आपको पता है कि शुद्ध शहद की क्या पहचान है मिलावट से बचने के लिए आप को पता होना चाहिए कि जो शहद आप खरीद रहे है वो नकली है या असली और आपको ये भी बतायेगे कि शुद्ध शहद के क्या उपयोग है - *शुद्ध शहद 🍯 की पहचान-* 1- *शुद्ध शहद में खुशबू रहती है और वह सर्दी में जम जाता है तथा गरमी में पिघल जाता है-* 2- *शुद्ध शहद को कुत्ता कभी नहीं खाता-* 3- *कागज पर शहद डालने से नीचे निशान नहीं* आता है- 4- *शहद की कुछ बूंदे पानी में डालें यदि यह बूंदे पानी में बनी रहती है तो शहद असली है* और शहद की बूंदे पानी में मिल जाती है तो शहद में मिलावट है- 5- *रूई की बत्ती बनाकर शहद* में भिगोकर जलाएं यदि बत्ती जलती रहे तो शहद शुद्ध है- 6- *एक ज़िंदा मक्खी पकड़कर शहद में डालें उसके ऊपर शहद डालकर मक्खी को दबा दें शहद असली होने पर मक्खी शहद में से अपने आप ही निकल आयेगी* और उड़ जायेगी चूँकि मक्खी के पंखों पर शहद नहीं चिपकता- 7- *कपड़े पर शहद डालें और फिर पौंछे असली शहद कपडे़ पर नहीं लगता है-* अब आइये और जाने घर में शुद्ध शहद रखना...