आखिर कैसे एक अमीर हिन्दू 2 बच्चे भी पाल नहीं पाता जबकि एक पंचरवाला 12 बच्चे पाल लेता है।
❗❗*🛑 आखिर कैसे एक अमीर हिन्दू 2 बच्चे भी पाल नहीं पाता जबकि एक पंचरवाला 12 बच्चे पाल लेता है।🛑*❗❗
*आखिर क्या है असल समस्या*❓
*1️⃣ एक हिन्दू मुंगेरीलाल*
15 हजार की pvt इंजीनियरिंग जॉब से शुरू करता है। जिसमे वो 7 हजार रूम रेंट देता है।
अब उसकी सैलरी कम है ओर पद बड़ा है तो दिखावा के लिए अपने बच्चे को स्कूल में एडमिशन लेता है जिसकी फी 5 हजार रुपया per month है।
जाहिर है इस सैलरी से 1 पालना मुश्किल है...
*2️⃣ इस्लाम अंसारी के आठ बच्चे*
सुबह उठ कर कोई कबाड़ बीनकर कोई पंचर बनाकर कोई मटन शॉप लगाकर हर भाई 500-1000 रुपया प्रति दिन कमा लेता है।
इसकी कुल कमाई 1000 × 6 ×30 =180000 रुपया महीना कमा लेता है। लेकिन अंसारी का सारा बिजनेस कैश में है इसलिए वो टैक्स नहीं देता साथ ही अपने भाई , अपनी पत्नी अलग अलग नाम से मकान लेता है , बच्चे के लिए छात्रवृति लेता है, सरकारी योजना का लाभ उठाता है....
जबकि मुंगेरीलाल gov जॉब में चपरासी होने के बावजूद टैक्स भी देता है और किसी योजना का लाभ भी नहीं मिलता है।
अंसारी 8 में 2 बच्चे को जामिया में upsc ,ssc, engg की फ्री कोचिंग में भेज देता है। अब उसके 2 बच्चे बड़े जॉब में जा रहे है ,system में जाकर अपना दबदबा बना रहा है।
बाकी के 6 आबादी बढ़ाकर लोकतंत्र पर अपना दबदबा बना रहा है और मुंगेरीलाल के पुशतैनी काम पर कब्जा कर रहा है।
फिर अंसारी के 8 बच्चे फिर से 6-7 बच्चे पैदा करके यही प्रोसेस चला रहा है।
*3️⃣एक जागृत और चालाक हिन्दू नरसिम्हा*
जो मात्र 20 हजार कमाता है वो थोड़ा दिमाग लगाता है । उसे पता है कि किसी भी एग्जाम को निकालने के लिए 10 वी तक का मैथ और थोड़ा gk पढ़ने की जरूरत होती है। जबकि स्कूल में हर साल एक डेढ़ लाख खर्च करने के बाद भी ट्यूशन लगाना है तो फिर इतना खर्च करने का क्या फायदा ?
वो सरकारी स्कूल में पढ़ाता है ,सबसे अच्छा ट्यूशन लगाता है ।
अब फालतू पैसे बच गए पढ़ाई पर ज्यादा खर्च पड़ा नहीं , घर खुद का है तो थोड़ा बहुत खर्च खाने पीने पर पड़ा इसलिए वो 20 हजार में भी 8 बच्चे आराम से पाल लेता है।
अब महँगे pvt स्कूल में जो 20 लाख बर्बाद होने वाला था उस पैसे को धीरे धीरे बिजनेस में लगाता है। 1 लाख की पूँजी इकट्ठा करके होटल खोलता है और उसे पैसा बनाता है। बाद में उसका बड़ा बेटा बिजनेस संभालता है।
दूसरा बेटा बिजनेस से बनाए गए पैसे से दूसरा बिजनेस खड़ा करता है और फिर पैसा डबल करता है।
तीसरा बेटा उसका ias की तैयारी के लिए दिल्ली जाता है। अब उसके पास पैसे की कमी नहीं है तो वो आराम से 2 साल दिल्ली में कोचिंग का खर्च , रहने खाने का खर्च मेन्टेन कर लेता है । फिर वो मेहनत करके ias भी बनता है।
अब नरसिम्हा और उसके बड़े बेटे ने बिजनेस से पैसे कमा लिए तो वो अपने छोटे बेटे को इंजीनियरिंग के
लिए भेज देता है। उसका बेटा इंजीनियरिंग करके अपनी शिक्षा का उपयोग करता है और खुद की फैक्ट्री खोलता है और 20 लोगों को रोजगार देता है।
अब उसके बेटे भी यही प्रोसेस अपनाते हैं और उसका परिवार मजबूत बन जाता है।
*4️⃣एक अन्य हिन्दू रामलाल*
जिसकी कमाई 25 हजार है उसे सरकारी स्कूल में पढ़ाने में शर्म आती है तो वो सस्ते pvt. स्कूल में पढ़ाता है जिसकी फी 2500 रुपया महीना है। घर खुद का है तो कुल मिलाकर खाना पीना मिलाकर अब 20 हजार बच गए।
अब वो 5 बच्चे आराम से पाल लेता है। ठीक ठाक कमाई भी होती है।
*5️⃣एक धर्मद्रोही और लालची हिन्दू*
अनुराग कश्यप का बिजनेस है। वो लाख रुपया महीना कमाता है। वो आराम से 7-10 बच्चे पाल सकता है मगर अपना कमीनापन दिखाते हुए वो सिर्फ 1 लड़का 1 लड़की पैदा करता है। उसे पढ़ाई के झूठा दिखावा करना है।
अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई पर हर साल डेढ़ लाख यानी 2 बच्चे पर 3 लाख यानी अपने जीवन काल मे
25 लाख *2 = 50 लाख खर्च करता है।
वो अपने बच्चे को भाईचारा का पाठ पढ़ाता है । नतीजा उसकी लड़की मुल्ले से फंस जाती है। अब अनुराग कश्यप की आधी सम्पति पर मुल्ले का कब्जा हो जाता है। अब 1 बेटा बचा । अनुराग को अब दिखावा करना है एडुकेटेड होने का तो वो अपने बेटे को पढ़ाता है। पढ़ाई पर 25 लाख खर्च करता है।
बेटे के जॉब के लिए जमीन बेचकर घुस के पैसे का इंतजाम करता है और 18 हजार की चपरासी की जॉब लगवाता है।
अब उसका बिजनेस रिक्त हो चुका है और मौका का फायदा उठाकर एक मुल्ला
शमीम मिया रिक्त स्थान को भरता है और उसके समेटे हुए बिजनेस की जगह वो अपना बिजनेस शुरू करता है।
जरा ध्यान लगाए की आखिर हिन्दुओ के सिमटते परिवार कमजोर परिवार का जिम्मेदार कौन है हिन्दुओ की मूर्खता , जरूरत से ज्यादा दिखावा या इस्लाम की ताकत ?🙏🙏
🚩🙏🚩जय श्री राम 🚩🙏🚩
🌷🕉️🌷हर हर महादेव 🌷🕉️🌷
🚩🚩🚩सनातन धर्म की जय हो 🚩🚩🚩
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