विरोधाभास ट्रेंड चल रहे हैं
विरोधाभास ट्रेंड चल रहे हैं
यदि आप बंदर के सामने केले और बहुत सारे पैसे रखेंगे तो बंदर केले उठाएगा पैसे नहीं। क्योंकि वह नहीं जानता है कि पैसों से बहुत सारे केले खरीदे जा सकते हैं।
*ठीक उसी प्रकार आज यदि वास्तविकता में भारत की जनता को निजी हित निजी स्वार्थ पूरे करने और राष्ट्रीय सुरक्षा में से किसी एक का विकल्प चयन करने का कहें तो वो निजी स्वार्थ ही चयन करेंगे। क्योंकि वो नहीं समझ पा रहे हैं कि राष्ट्र सुरक्षित नहीं रहा तो फिर निजी हितों की गठरी बाँध के कहाँ ले जाओगे? 🤔*
आजकल तीन विरोधाभास ट्रेंड चल रहे हैं ------
*पहला:-*
भारत एक गरीब देश है इसलिए बुलट ट्रैन नहीं चाहिए।
परन्तु,
भारत इतना अमीर है कि लाखों रोहिंग्याओं को पाल सकता है!
*दूसरा:-*
मस्जिद की तरफ़ से देश के छप्पन बड़े महँगे वकील।
परन्तु,
मंदिर की तरफ से अकेले सुब्रामनयम स्वामी!!
*तीसरा:-*
देश मे GST का विरोध दिखता है।
परन्तु,
जनसंख्या बढ़ने का विरोध कभी देखा???
*चौथा:-*
मज़ाक तो यह है कि 2 बच्चे वाले टैक्स देते हैं।
परन्तु,
दस-दस बच्चों वाले सब्सिडी लेते हैं!!!!
*आपको उपरोक्त बातें नापसंद हो सकती है परन्तुु, विचार करने योग्य अवश्य है!!!*
*एक और तथ्य*
भारत महान था......वीरों की खान था।
फ़िर भी मुगलों का गुलाम था.....क्यों??....
*क्योंकि*
*"एक हिंदु राजा निजी विरोध के कारण दूसरे हिंदू राजा से दूर खड़ा था और मुगलों का साथ देने पर अड़ा था"*
परिस्थिति आज भी वही है मोदी हिन्दुत्व के लिये खड़ा है और भ्रमित हिंदू उसे मिटाने पर अड़ा है.....!!!!
लाखों हिंदुओं को देखा हैं, मोदी का विरोध करते।
परन्तु,
कोई एक मुस्लिम बता दो जो ओवैसी का मुखर विरोध करता हो।
*हिन्दू अपने पतन का कारण स्वयं ही है.....*
*थोड़ा सोचो और खुद को जोड़ो।*
*जय हिंद जय भारत🇮🇳*
मुसलमानो ने हमेशा ३ जानवरों की बराबरी की है-
🐓 मुर्गे से पहले सुबह उठकर चिल्लाना,
🐐 बकरे से भी बड़ी दाड़ी रखना,
🐖 सूअर से ज्यादा बच्चे पैदा करना।
सोच सोच का फर्क है खुद देखिये....
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हिंदु ज्यादा धार्मिक हो तो सन्यासी बन जाता है.!!
मुसलमान ज्यादा धार्मिक हो तो जिहादी या आंतकी बन जाता है..!!
जय श्री राम
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