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Showing posts from June, 2022

नवगुंजर अवतार

 वैसे तो भगवान विष्णु के मुख्य १० (दशावतार) एवं कुल २४ अवतार माने गए हैं किन्तु उनका एक ऐसा अवतार भी है जिसके विषय में बहुत ही कम लोगों को जानकारी है और वो है नवगुंजर अवतार। ऐसा इसलिए है क्यूंकि इस अवतार के विषय में महाभारत या किसी भी पुराण में कोई वर्णन नहीं है। केवल उड़ीसा के लोक कथाओं में श्रीहरि के इस विचित्र अवतार का वर्णन मिलता है। वहाँ नवगुंजर को श्रीकृष्ण का अवतार भी माना जाता है। आइये इस विशिष्ट अवतार के विषय में कुछ जानते हैं। जैसा कि हमने बताया कि नवगुंजर अवतार का वर्णन केवल उड़ीसा के महाभारत में मिलता है जिसकी रचना १५वीं शताब्दी में जन्में उड़ीसा के आदि कवि माने जाने वाले श्री सरला दास ने की है। इन्होने महाभारत के अतिरिक्त उड़िया बिलंका रामायण की भी रचना की है। इनके द्वारा लिखे महाभारत का मूल स्वरुप तो महर्षि व्यास के महाभारत का ही है किन्तु इसमें इन्होने अपनी अपूर्व मौलिकता का परिचय दिया है और कुछ बातें अपनी ओर से भी जोड़ी हैं जिसका कोई वर्णन मूल महाभारत में नहीं है। नवगुंजर अवतार भी उन्ही में से एक है। इनके द्वारा लिखित महाभारत के अनुसार जब अर्जुन अपने निर्वासन के दौरान मण...

श्रीजी की अष्ट सखियों के दर्शन

 "श्रीजी की अष्ट सखियों के दर्शन" 1. ललिता सखी - ये सखी सबसे चतुर और प्रिय सखी है। राधा रानी को तरह-तरह के खेल खिलाती है। कभी-कभी नौका-विहार, वन-विहार कराती है। ये सखी ठाकुर जी को हर समय बीड़ा (पान) देती रहती है। ये ऊँचे गांव मे रहती है। 2. विशाखा सखी - ये गौरांगी रंग की है। ठाकुरजी को सुदंर-सुदंर चुटकुले सुनाकर हँसाती है। ये सखी सुगन्धित द्रव्यो से बने चन्दन का लेप करती है। इनका गाँव कमईं है। 3. चम्पकलता सखी - ये सखी ठाकुर जी को अत्यन्त प्रेम करती है। ये करहला गांव मे रहती है। इनका अंगवर्ण पुष्प-छटा की तरह है। ये ठाकुर जी की रसोई सेवा करती है। 4. चित्रा सखी - ये सखी राधा रानी की अति मनभावँती सखी है। ये बरसाने मे चिकसौली गांव में रहती है। जब ठाकुर जी 4 बजे सोकर उठते हैं तब यह सखी फल, शरबत, मेवा लेकर खड़ी रहती है। 5. तुगंविधा सखी - ये सखी चदंन की लकड़ी के साथ कपूर हो ऐसे महकती है। ये युगलवर के दरबार मे नृत्य, गायन करती है। ये वीणा बजाने में चतुर है। ये गौरा माँ पार्वती का अवतार है। इनका गाँव ढभाला है। 6. इन्दुलेखा सखी - ये सखी अत्यन्त सूझबूझ वाली है। ये सुनहरा गांव मे रहती है। य...

पूजा_साधना_उपयोगी_बातें

 #पूजा_साधना_उपयोगी_बातें!!! ● गणेशजी को तुलसी का पत्र छोड़ कर सब पत्र प्रिय हैं। ● भैरव की पूजा में तुलसी का ग्रहण नही है। ● कुंद का पुष्प शिव को माघ महीने को छोडकर निषेध है। ● बिना स्नान किये जो तुलसी पत्र जो तोड़ता है उसे देवता स्वीकार नही करते। ● रविवार को दूर्वा नही तोडनी चाहिए। ● केतकी पुष्प शिव को नही चढ़ाना चाहिए। ● केतकी पुष्प से कार्तिक माह में विष्णु की पूजा अवश्य करें। ● देवताओं के सामने प्रज्जवलित दीप को बुझाना नही चाहिए। ● शालिग्राम का आवाह्न तथा विसर्जन नही होता। ● जो मूर्ति स्थापित हो उसमे आवाहन और विसर्जन नही होता। ● तुलसीपत्र को मध्याहोंन्त्तर ग्रहण न करें। ● पूजा करते समय यदि गुरुदेव ,ज्येष्ठ व्यक्ति या पूज्य व्यक्ति आ जाए तो उनको उठ कर प्रणाम कर उनकी आज्ञा से शेष कर्म को समाप्त करें। ● मिट्टी की मूर्ति का आवाहन और विसर्जन होता है और अंत में शास्त्रीयविधि से गंगा प्रवाह भी किया जाता है। ● कमल को पांच रात ,बिल्वपत्र को दस रात और तुलसी को ग्यारह रात बाद शुद्ध करके पूजन के कार्य में लिया जा सकता है। ● पंचामृत में यदि सब वस्तु प्राप्त न हो सके तो केवल दुग्ध से स्नान करा...

जीवन उपयोगीसन्देश

   *🌷जीवन उपयोगीसन्देश🌷* *हर चीज उठाई जा सकती है सिवाय गिरी हुई सोच के जब लोग रास्ता अलग करने का फैसला कर लेते हैं तो सबसे पहले बातचीत करना कम कर देते हैं !* *लोग आपसे  नहीं आपकी स्थिति से हाथ मिलाते हैं यही जीवन का कड़वा सत्य है बहुत सोचकर अपनों से रूठा करो आजकल मनाने का रिवाज खत्म सा हो गया है प्यार परवाह है शरारत और थोड़ा समय यही वह दौलत है !* *जब अक्सर हमारे अपने हम से चाहते हैं और हम अपनों से चाहते हैं !!* *यूं ही नहीं होती हाथ की लकीरों के आगे रंगोलियां रब ने भी किस्मत से पहले मेहनत लिखी है जीभ सुधर जाए तो जीवन सुधारने में वक्त नहीं लगता किसी के लिए समर्पण करना मुश्किल नहीं है मुश्किल है उस व्यक्ति को ढूंढना जो आप के समर्पण की कदर करें एक सपने के टूट कर चकनाचूर हो जाने के बाद दूसरा सपना देखने के हौसले को ही जिंदगी कहते हैं !!* *यूं असर डाला है मतलबी लोगों ने दुनिया पर प्रणाम भी करो तो लोग समझते हैं कि जरूर कोई काम होगा मैं दुनिया से लड़ सकता हूं पर अपनों से नहीं क्योंकि अपनों के साथ मुझे जीतना नहीं बल्कि जीना है बस दिल जीतने का मक़सद रखो दुनिया जीतकर तो सिकंदर भी ...

सच्चे हिन्दू है तो पोस्ट को पूरा पढ़ें

 *सच्चे हिन्दू है तो पोस्ट को पूरा पढ़ें* न मैं असुर, न मैं किन्नर,  न मैं यक्ष,  न मैं रक्ष,  न मैं वानर, न मैं मल्ल,  न मैं किरात, न मैं निषाद,  न मैं रीछ, न मैं दानव, न मैं गंधर्व, न मैं नाग,  न मैं अहीर,  न मैं जाट, न मैं गुर्जर,  न मैं पाटिल, न मैं पाटीदार,  न मैं यादव,  न मैं चौहान,  न मैं ब्राह्मण, न मैं धनगर,  न मैं मोची, न मैं बलाई, न मैं मार , न मैं वाल्मीकि, न मैं मेहतर,  न मैं भट,  न मैं डार,  न मैं नाई,  न मैं धोबी,  न मैं बढ़ई, न मैं बनिये, न मैं सिंह, न मैं ठाकुर,  न मैं शर्मा,  न मैं तिवारी,  न मैं मिश्रा,  न मैं वर्गीस, न मैं जोशी, न मैं सिसोदिया, न मैं वाजपेयी, न मैं गांधी, न मैं राठौर,  न मैं झाला,  न मैं गुप्ता,  न मैं अग्रवाल,  न मैं जैन,  न मैं बौध्द , न मैं शाह, न मैं चौहान,  न मैं ठाकुर , न मैं परमार, न मैं विजयवर्गीय,  न मैं लोध, न मैं लोधी , न मैं लोधा , न मैं राजपूत,  न मैं मेंडल, न मैं यादव, न मैं कर्णिक,  ...

कृष्ण का अर्जुन को ज्ञान उपदेश

*कृष्ण का अर्जुन को ज्ञान उपदेश* *✍️एक बार श्री कृष्ण और अर्जुन भ्रमण पर निकले तो उन्होंने मार्ग में एक निर्धन ब्राहमण को भिक्षा मागते देखा....* *अर्जुन को उस पर दया आ गयी और उन्होंने उस ब्राहमण को स्वर्ण मुद्राओ से भरी एक पोटली दे दी।* *जिसे पाकर ब्राहमण प्रसन्नता पूर्वक अपने सुखद भविष्य के सुन्दर स्वप्न देखता हुआ घर लौट चला।* *किन्तु उसका दुर्भाग्य उसके साथ चल रहा था, राह में एक लुटेरे ने उससे वो पोटली छीन ली।* *ब्राहमण दुखी होकर फिर से भिक्षावृत्ति में लग गया।अगले दिन फिर अर्जुन की दृष्टि जब उस ब्राहमण पर पड़ी तो उन्होंने उससे इसका कारण पूछा।* *ब्राहमण ने सारा विवरण अर्जुन को बता दिया, ब्राहमण की व्यथा सुनकर अर्जुन को फिर से उस पर दया आ गयी अर्जुन ने विचार किया और इस बार उन्होंने ब्राहमण को मूल्यवान एक माणिक दिया।* *ब्राहमण उसे लेकर घर पंहुचा उसके घर में एक पुराना घड़ा था जो बहुत समय से प्रयोग नहीं किया गया था,ब्राह्मण ने चोरी होने के भय से माणिक उस घड़े में छुपा दिया।* *किन्तु उसका दुर्भाग्य, दिन भर का थका मांदा होने के कारण उसे नींद आ गयी... इस बीच ब्राहमण की स्त्री नदी में जल लेने ...

*_आज का अनमोल "रत्न"_*

 🕉️🐚🔱🚩💎🚩🔱🐚🕉️            *_आज  का  अनमोल  "रत्न"_* *"किसी भी मनुष्य का वास्तविक मूल्यांकन उसके आकर्षक चेहरे, सुन्दर वेशभूषा अथवा मीठी वाणी से नहीं हो सकता। कोई भी मनुष्य अथवा मित्र सम्बन्धी तभी श्रेष्ठ है जब वो आपके संकट की घडी में बिना कहे आपके साथ खड़ा हो, बिना किसी लाभ-हानि के विचार के।"* *दिल में खुशी हो तो छलक ही जाती हैं आँखें!.... ये आंसू ग़म के मोहताज नहीं हुआ करते...... रुपया क्या बढ़ गया जमाने में हर शख़्स "बहुरुपिया" हो गया..*  *मौत का स्वाद सभी को चखना है, लेकिन कौन किस वक़्त मौत से जा मिलेगा इसका कोई अनुभव किसी को नहीं है।* *आप सभी से एक ही आग्रह है। किसी से रूठकर ना बिछड़ें। किसी को रुलाकर ना सोएं। किसी को अपमानित करके बड़प्पन ना महसूस करें। किसी को दबाकर, किसी की स्थिति का फायदा उठाकर मूँछों पर ताव ना दें। हो सकता है जब तक हमें अपनी गलती महसूस हो तब तक वह जिसके प्रति हमसे अपराध हुआ है,अगर इस संसार को अलविदा कह दे तो हम किससे अपने अपराध क्षमा करवाएंगे, किससे माफी मांगेंगे। हम अपना मन उदार रखें।*  *छोटी-छोटी बातो...

सबसे अधिक हिन्दुओं वाला देश बताओ ?

 *अध्यापक : "सबसे अधिक हिन्दुओं वाला देश बताओ ?"* *छात्र : "पाकिस्तान !"* *अध्यापक  (चौंककर) : "तो सबसे कम हिन्दुओं वाला देश कौन सा है ?"* *छात्र : "हिंदुस्तान !"* *अध्यापक (क्रोध में) : "कैसे ?"* *छात्र : "श्रीमान जी, यहाँ हिन्दू तो 'न' के बराबर ही समझिए, यहां तो सबसे ज्यादा धर्मनिरपेक्ष (सेक्यूलर) ही रहते हैं। और फिर जाट, गुर्जर, ठाकुर, ब्राह्मण, लाला, पटेल, कुर्मी, यादव, सोनार, लोहार, बढ़ई, प्रजापति, केवट, धुनिया, मल्लाह, कोरी, चमार, ढाढ़ी, पासी, पासवान...आदि... आदि रहते हैं !!"* *शिक्षक:"फिर हिंदू कहां रहते हैं?"* *छात्र: "श्रीमान जी,सोचिए।"* *यदि हिन्दू होते तो, क्या अयोध्या में रामभक्तों के हत्यारे मुलायम सिंह को सत्ता देते?* *यदि हिन्दू होते तो, क्या रामसेतु को काल्पनिक बताने वाले को सत्ता देते?* *यदि हिन्दू होते तो, क्या "भगवा आतंकी" कहने वाले को सत्ता देते?* *यदि हिन्दू होते तो, क्या कश्मीर में हिंदुओं को मौत के घाट उतारने वाले को सत्ता देते?* *यदि हिन्दू होते तो, क्या दशहरा छोड़कर म...

नदी में तर्पण करते देख

 एक पंडितजी को नदी में तर्पण करते देख एक फकीर अपनी बाल्टी से पानी गिराकर जाप करने लगा कि.. "मेरी प्यासी गाय को पानी मिले।" पंडित जी के पूछने पर उस फकीर ने कहा कि...  जब आपके चढ़ाये जल और भोग आपके पुरखों को मिल जाते हैं तो मेरी गाय को भी मिल जाएगा। इस पर पंडितजी बहुत लज्जित हुए।" यह मनगढ़ंत कहानी सुनाकर एक इंजीनियर मित्र जोर से ठठाकर हँसने लगे और मुझसे बोले कि -  "सब पाखण्ड है जी..!" शायद मैं कुछ ज्यादा ही सहिष्णु हूँ...  इसीलिए, लोग मुझसे ऐसी बकवास करने से पहले ज्यादा सोचते नहीं है क्योंकि, पहले मैं सामने वाली की पूरी बात सुन लेता हूँ... उसके बाद उसे जबाब देता हूँ। खैर...  मैने कुछ कहा नहीं .... बस, सामने मेज पर से 'कैलकुलेटर' उठाकर एक नंबर डायल किया...  और, अपने कान से लगा लिया। बात न हो सकी... तो, उस इंजीनियर साहब से शिकायत की। इस पर वे इंजीनियर साहब भड़क गए। और, बोले- " ये क्या मज़ाक है...??? 'कैलकुलेटर' में मोबाइल का फंक्शन भला कैसे काम करेगा..???" तब मैंने कहा.... तुमने सही कहा... वही तो मैं भी कह रहा हूँ कि....  स्थूल शरीर छोड़ चुक...

विरोधाभास ट्रेंड चल रहे हैं

विरोधाभास ट्रेंड चल रहे हैं  यदि आप बंदर के सामने केले और बहुत सारे पैसे रखेंगे तो बंदर केले उठाएगा पैसे नहीं। क्योंकि वह नहीं जानता है कि पैसों से बहुत सारे केले खरीदे जा सकते हैं।             *ठीक उसी प्रकार आज यदि वास्तविकता में भारत की जनता को निजी हित निजी स्वार्थ पूरे करने और राष्ट्रीय सुरक्षा में से किसी एक का विकल्प चयन करने का कहें तो वो निजी स्वार्थ ही चयन करेंगे।  क्योंकि वो नहीं समझ पा रहे हैं कि राष्ट्र सुरक्षित नहीं रहा तो फिर निजी हितों की गठरी बाँध के कहाँ ले जाओगे? 🤔* आजकल तीन विरोधाभास ट्रेंड चल रहे हैं ------ *पहला:-* भारत एक गरीब देश है इसलिए बुलट ट्रैन नहीं चाहिए। परन्तु, भारत इतना अमीर है कि लाखों रोहिंग्याओं को पाल सकता है! *दूसरा:-* मस्जिद की तरफ़ से देश के छप्पन बड़े महँगे वकील। परन्तु, मंदिर की तरफ से अकेले सुब्रामनयम स्वामी!! *तीसरा:-* देश मे GST का विरोध दिखता है। परन्तु, जनसंख्या बढ़ने का विरोध कभी देखा??? *चौथा:-* मज़ाक तो यह है कि 2 बच्चे वाले टैक्स देते हैं। परन्तु, दस-दस बच्चों वाले सब्सिडी लेते हैं!!!! *आपको ...

#मंगलवार, #गुरूवार और #शनिवार को "#बाल एवं नाख़ून" कटवाने से क्यों मना किया जाता है.........

 #मंगलवार, #गुरूवार और #शनिवार को "#बाल एवं नाख़ून" कटवाने से क्यों मना किया जाता है......... आजकल ये बात तो लगभग हर किसी को मालूम है कि ऐसा नहीं करना चाहिए..... . लेकिन, ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए .... शायद ही किसी को मालूम हो। . और... इसका परिणाम ये होता है कि.... जाने-अनजाने हम सनातनी स्वयं ही अपनी परम्पराओं को अन्धविश्वास घोषित कर देते हैं और, उसका पालन करना अपनी आधुनिक शिक्षा के खिलाफ समझते हैं। . जबकि, सत्य ये है कि हम सनातनीओं के अधिकतर परंपराओं और रीति-रिवाजों के पीछे एक सुनिश्वित एवं ठोस वैज्ञानिक कारण होता है। और इसीलिए आज भी हम  घर के बड़े और बुजुर्गों को यह कहते हुए सुनते हैं कि मंगलवार, गुरूवार और शनिवार के दिन बाल और नाखून भूल कर भी नहीं काटने चाहिए। . वास्तव में जब हम #अंतरिक्ष_विज्ञान और #ज्योतिष की प्राचीन और प्रामाणिक पुस्तकों का अध्ययन करते हैं तो हमें इन प्रश्रों का बड़ा ही स्पष्ट वैज्ञानिक समाधान प्राप्त होता है। . होता यह कि मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के दिन ग्रह-नक्षत्रों की दशाएं तथा अंनत ब्रह्माण्ड में से आने वाली अनेकानेक #सूक्ष्मातिसूक्ष्म_किरणें (कॉ...

जीवन उपयोगी सन्देश

  *जीवन उपयोगी सन्देश*                 *।।अपने पराये।।* *✍️फ़ोन की घंटी तो सुनी मगर आलस की वजह से रजाई में ही लेटी रही। उसके पति राहुल को आखिर उठना ही पड़ा। दूसरे कमरे में पड़े फ़ोन की घंटी बजती ही जा रही थी ।*   *इतनी सुबह कौन हो सकता है जो सोने भी नहीं देता, इसी चिड़चिड़ाहट में उसने फ़ोन उठाया। “हेल्लो, कौन” तभी दूसरी तरफ से आवाज सुन सारी नींद खुल गयी।* *“नमस्ते पापा।” “बेटा, बहुत दिनों से तुम्हे मिले नहीं सो हम दोनों ११ बजे की गाड़ी से आ रहे है। दोपहर का खाना साथ में खा कर हम ४ बजे की गाड़ी वापिस लौट जायेंगे। ठीक है।” “हाँ पापा, मैं स्टेशन पर आपको लेने आ जाऊंगा।”* *फ़ोन रख कर वापिस कमरे में आ कर उसने रचना को बताया कि मम्मी पापा ११ बजे की गाड़ी से आ रहे है और दोपहर का खाना हमारे साथ ही खायेंगे ।* *रजाई में घुसी रचना का पारा एक दम सातवें आसमान पर चढ़ गया। “कोई इतवार को भी सोने नहीं देता, अब सबके के लिए खाना बनाओ। पूरी नौकरानी बना दिया है।” गुस्से से उठी और बाथरूम में घुस गयी। राहुल हक्का बक्का हो उसे देखता ही रह गया।* *जब वो बाहर आयी तो...

नींव ही कमजोर पड़ रही है गृहस्थी की..!!

 सभी से अनुरोध है कि एक बार पढ़ियेगा अवश्य । काफी समय के बाद किसी ने बेहद सुंदर आर्टिकल भेजा है । 🙏🏽  *नींव ही कमजोर पड़ रही है गृहस्थी की..!!*  आज हर दिन किसी न किसी का घर खराब हो रहा है । *इसके मूल कारण और जड़ पर कोई नहीं जा रहा है, जो कि अति संभव है एवं निम्न हैं----------------। *1, पीहरवालों की अनावश्यक  दखलंदाज़ी।* *2, संस्कार विहीन शिक्षा* *3, आपसी तालमेल का अभाव*  *4, ज़ुबानदराज़ी* *5, सहनशक्ति की कमी* *6, आधुनिकता का आडम्बर* *7, समाज का भय न होना* *8, घमंड झूठे ज्ञान का* *9, अपनों से अधिक गैरों की राय* *10, परिवार से कटना।*  *11.  घण्टों मोबाइल पर चिपके रहना ,और घर गृहस्थी की तरफ ध्यान न देना।*  *12. अहंकार के वशीभूत होना ।*  पहले भी तो परिवार होता था, *और वो भी बड़ा।* *लेकिन वर्षों आपस में निभती थी!* *भय था , प्रेम था और रिश्तों की मर्यादित जवाबदेही भी।* *पहले माँ बाप ये कहते थे कि मेरी बेटी गृह कार्य में दक्ष है*,  *और अब कहते हैं कि मेरी बेटी नाज़ों से पली है । आज तक हमने तिनका भी नहीं उठवाया।* *तो फिर करेगी क्या शादी के बाद ...

सिर्फ संतान को दोष न दें...

 सिर्फ संतान को दोष न दें... बालक को 'इंग्लिश मीडियम' में पढ़ाया...अंग्रेजी बोलना सिखाया... "बर्थ डे" और "मैरिज एनिवर्सरी" जैसे जीवन के  शुभ प्रसंगों को अंग्रेजी कल्चर  के अनुसार जीने को ही *'श्रेष्ठ'* मानकर... माता-पिता को "मम्मा" और *'डैड'* कहना सिखाया... जब अंग्रेजी कल्चर  से परिपूर्ण बालक बड़ा होकर, आपको समय नहीं देता, आपकी भावनाओं' को नहीं समझता,  आप को  तुच्छ मानकर जुबान लड़ाता है और आप को बच्चों में कोई  संस्कार  नजर नहीं आता है.... क्योंकि... पुत्र की पहली वर्षगांठ से ही, भारतीय संस्कारों' के बजाय केक  कैसे काटा जाता है सिखाने वाले आप ही हैं... 'मंदिर, मंत्र, पूजा-पाठ, आदर-सत्कार के संस्कार देने के बदले,'...केवल फर्राटेदार अंग्रेजी  बोलने को ही अपनी शान समझने वाले आप ही है,,,,, बच्चा जब पहली बार घर से बाहर निकला तो उसे प्रणाम-आशीर्वाद के बदले बाय-बाय कहना सिखाने वाले आप ही है,,,, परीक्षा देने जाते समय इष्टदेव/बड़ों के पैर छूने  के बदले Best of Luck कह कर परीक्षा भवन तक छोड़ने वाले आप ही है,,, बालक के सफल  होन...

ब्रह्मा, विष्णु और महेश का पिता कौन, जानिए....

 ब्रह्मा, विष्णु और महेश का पिता कौन, जानिए.... 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰 ब्रह्मा, विष्णु और महेश के संबंध में हिन्दू मानस पटल पर भ्रम की स्थिति है। वे उनको ही सर्वोत्तम और स्वयंभू मानते हैं, लेकिन क्या यह सच है? क्या ब्रह्मा, विष्णु और महेश का कोई पिता नहीं है? वेदों में लिखा है कि जो जन्मा या प्रकट है वह ईश्वर नहीं हो सकता। ईश्वर अजन्मा, अप्रकट और निराकार  है। शिवपुराण के अनुसार ब्रह्म ही सत्य है वही अविकारी परमेश्वर है। जिस समय सृष्टि में अंधकार था। न जल, न अग्नि और न वायु था तब वही तत्सदब्रह्म ही था जिसे श्रुति में सत् कहा गया है। ।। सत् अर्थात अविनाशी परमात्मा ।। उस अविनाशी परब्रह्म (काल) ने कुछ काल के बाद द्वितीय की इच्छा प्रकट की। उसके भीतर एक से अनेक होने का संकल्प उदित हुआ। तब उस निराकार परमात्मा ने अपनी लीला शक्ति से आकार की कल्पना की, जो मूर्तिरहित परम ब्रह्म है। परम ब्रह्म अर्थात एकाक्षर ब्रह्म। परम अक्षर ब्रह्म। वह परम ब्रह्म भगवान सदाशिव है। अर्वाचीन और प्राचीन विद्वान उन्हीं को ईश्वर कहते हैं। एकांकी रहकर स्वेच्छा से सभी ओर विहार करने वाले उस सदाशिव ने अपने विग्रह (शरी...

*🌴➰इस मैसेज को गौर से दो बार पढे!➰🌴*

 *🌴➰इस मैसेज को गौर से दो बार पढे!➰🌴* ➰जिस दिन हमारी मौत होती है, हमारा पैसा बैंक में ही रह जाता है।➰ ➰जब हम जिंदा होते हैं, तो हमें लगता है कि हमारे पास खच॔ करने को पया॔प्त धन नहीं है।➰ ➰जब हम चले जाते है, तब भी बहुत सा धन बिना खच॔ हुये बच जाता है।➰ ➰एक चीनी बादशाह की मौत हुई। वो अपनी विधवा के लिये बैंक में 1.9 मिलियन डालर छोड़ कर गया। विधवा ने जवान नोकर से शादी कर ली। उस नोकर ने कहा, मैं हमेशा सोचता था कि मैं अपने मालिक के लिये काम करता हूँ, अब समझ आया कि वो हमेशा मेरे लिये काम करता था।➰         *➰सीख?➰* ज्यादा जरूरी है कि अधिक धन अज॔न कि बजाय अधिक जिया जाय। • अच्छे व स्वस्थ शरीर के लिये प्रयास करिये। • मँहगे फोन के 70% फंक्शन अनोपयोगी रहते है। • मँहगी कार की 70% गति का उपयोग नहीं हो पाता। • आलीशान मकानो का 70% हिस्सा खाली रहता है। • पूरी अलमारी के 70% कपड़े पड़े रहते हैं। • पुरी जिंदगी की कमाई का 70% दूसरो के उपयोग के लिये छूट जाता है। • 70% गुणो का उपयोग नहीं हो पाता। *➰तो 30% का पूण॔ उपयोग कैसे हो!➰* • स्वस्थ होने पर भी निरंतर चेक-अप करायें। • प्यासे न हो...

कैलाश_पर्वत पर आज तक कोई क्यों नहीं चढ़ पाया है ?

 #कैलाश_पर्वत पर आज तक कोई क्यों नहीं चढ़ पाया है? #हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत का बहुत महत्व है, क्योंकि यह भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। लेकिन इसमें सोचने वाली बात ये है कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को अभी तक 7000 से ज्यादा लोग फतह कर चुके हैं, जिसकी ऊंचाई 8848 मीटर है, लेकिन कैलाश पर्वत पर आज तक कोई नहीं चढ़ पाया, जबकि इसकी ऊंचाई एवरेस्ट से लगभग 2000 मीटर कम यानी 6638 मीटर है। यह अब तक रहस्य ही बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक पर्वतारोही ने अपनी किताब में लिखा था कि उसने कैलाश पर्वत पर चढ़ने की कोशिश की थी, लेकिन इस पर्वत पर रहना असंभव था, क्योंकि वहां शरीर के बाल और नाखून तेजी से बढ़ने लगते हैं। इसके अलावा कैलाश पर्वत बहुत ही ज्यादा रेडियोएक्टिव भी है। कैलाश पर्वत पर कभी किसी के नहीं चढ़ पाने के पीछे कई कहानियां प्रचलित हैं। कुछ लोगों का मानना है कि कैलाश पर्वत पर शिव जी निवास करते हैं और इसीलिए कोई जीवित इंसान वहां ऊपर नहीं पहुंच सकता। मरने के बाद या वह जिसने कभी कोई पाप न किया हो, केवल वही कैलाश फतह कर सकता है। ऐसा भी माना जाता है कि कैलाश पर्व...

गंगा दशहरा

 गंगा दशहरा  ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है  हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था.  अपने पूर्वजों की आत्मा के उद्धार के लिए भागीरथ गंगा को पृथ्वी पर लेकर आए थे. गंगा दशहरा पर हर साल गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं. ऐसा कहते हैं कि इस दिन गंगा में स्नान करने से 10 तरह के पाप मिट जाते हैं. इस बार गंगा दशहरा गुरुवार, 9 जून को है और ये पहले से ज्यादा खास रहने वाला है. गंगा दशहरा पर शुभ संयोग ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि गंगा दशहरा पर इस साल दो शुभ संयोग बन रह हैं. गंगा दशहरा पर रवि योग बन रहा है. इस दिन सूर्योदय के साथ ही रवि योग शुरू हो जाएगा. इस शुभ योग में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों को करना बहुत ही शुभ माना जाता है. गंगा ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हस्त नक्षत्र में धरती पर उतरी थी. इस बार हस्त नक्षत्र 9 जून को सुबह 4 बजकर 31 मिनट से प्रारंभ होकर 10 जून को सुबह 4 बजकर 26 मिनट तक रहेगा.      गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त इस बार गंगा दशहरा गुरुवार, 9 जून 2022 को...

प्याज़ खाना क्यों मना ?

 क्या आप जानते हैं??? प्याज़ खाना क्यों मना? कुछ मान्यताएं और वास्तविकताएं: शाकाहार होने तथा चिकित्सीय गुण होने के बावजूद साधकों हेतु प्याज-लहसुन वर्जित क्यों है.......??? *1) एक बार प्याज़-लहसुन  खाने का प्रभाव देह में 27 दिनों तक रहता है,और उस दौरान व्यक्ति यदि मर जाये तो नरकगामी होता है!ऐसा शास्त्रों में लिखा है!* *2) प्याज़ का सेवन करने से 55 मर्म-स्थानों में चर्बी जमा हो जाती है, जिसके फलस्वरूप शरीर की सूक्ष्म संवेदनाएं नष्ट हो जाती हैं!* 3) भगवान के भोग में, नवरात्रि आदि व्रत-उपवास में ,तीर्थ यात्रा में ,श्राद्ध के भोजन में और विशेष पर्वों पर प्याज़-लहसुन युक्त भोजन बनाना निषिद्ध है, जिससे समझ में आ जाना चाहिए कि प्याज-लहसुन दूषित वस्तुएं हैं!  4)कुछ देर प्याज़ को बगल में दबाकर बैठने से बुखार चढ़ जाता है! प्याज काटते समय ही आंखों में आंसू आ जाते हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि शरीर के भीतर जाकर यह कितनी अधिक हलचल उत्पन्न करता होगा!?! *5) हवाई-जहाज चलाने वाले 👉पायलटों को जहाज चलाने के 72 घंटे पूर्व तक प्याज़ का सेवन ना करने का परामर्श दिया जाता है, क्योंकि प्...

शहर के सबसे बड़े बैंक में एक बार एक बुढ़िया आई ।

 शहर के सबसे बड़े बैंक में एक बार एक बुढ़िया आई ।  उसने मैनेजर से कहा :- “मुझे इस बैंक में कुछ रुपये जमा करने हैं”  मैनेजर ने पूछा :- कितने हैं ?  वृद्धा बोली :- होंगे कोई दस लाख ।  मैनेजर बोला :- वाह क्या बात है, आपके पास तो काफ़ी पैसा है, आप करती क्या हैं ?  वृद्धा बोली :- कुछ खास नहीं, बस शर्तें लगाती हूँ ।  मैनेजर बोला :- शर्त लगा-लगा कर आपने इतना सारा पैसा कमाया है ? कमाल है…  वृद्धा बोली :- कमाल कुछ नहीं है, बेटा, मैं अभी एक लाख रुपये की शर्त लगा सकती हूँ कि तुमने अपने सिर पर विग लगा रखा है ।  मैनेजर हँसते हुए बोला :- नहीं माताजी, मैं तो अभी जवान हूँ और विग नहीं लगाता ।  तो शर्त क्यों नहीं लगाते ? वृद्धा बोली ।  मैनेजर ने सोचा यह पागल बुढ़िया खामख्वाह ही एक लाख रुपये गँवाने पर तुली है, तो क्यों न मैं इसका फ़ायदा उठाऊँ… मुझे तो मालूम ही है कि मैं विग नहीं लगाता ।  मैनेजर एक लाख की शर्त लगाने को तैयार हो गया ।  वृद्धा बोली :- चूँकि मामला एक लाख रुपये का है, इसलिये मैं कल सुबह ठीक दस बजे अपने वकील के साथ आऊँगी और उसी के स...

AC का सही उपयोग

 ⚡ *AC का सही उपयोग*👍 *जैसा कि सभी को पता है कि भीषण गर्मी शुरू हो चुकी है और घर घर एयर कंडीशनर चलने लगे हैं।* *अधिकतर लोगों की आदत है कि वह अपने AC को 20-22 डिग्री पर चलाते हैं और ठंड लगने पर दोहर व कंबल आदि ओढ़ लेते हैं। इससे दोहरा नुकसान होता है। आईये जानते हैं कैसे:* *क्या आपको पता है कि हमारे शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्शियस होता है। शरीर 22 डिग्री से 39 डिग्री तक का तापमान सह सकता है। इसे कहते हैं human body temperature tolerance.* *तापमान के इससे कम या अधिक होने पर शरीर प्रतिक्रिया करने लगता है जैसे छीकें आदि।* *जब आप 20-21 डिग्री पर AC चलाते हैं तो यह तापमान शरीर के सामान्य तापमान से कम है और इससे शरीर में hypothermia नाम का एक process शुरू हो जाता है जो रक्त प्रवाह (blood circulation) को प्रभावित करता है और शरीर के कुछ अंगों में रक्त ठीक प्रकार से नहीं पहुंच पाता। इसके long term में बहुत नुकसान होते हैं जैसे गठिया आदि बीमारियां।* *अधिकतर समय AC में बिताने से पसीना नहीं आता जिससे शरीर के toxins बाहर नहीं निकल पाते और long term में इससे भी कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है जै...

संस्कृत ही विश्व की सर्वश्रेष्ठ भाषा है इसे अवश्य सीखें

कृपया हाथ जोड़कर विनती है कि समय निकालकर इसको एक बार जरूर पढ़ें क्योंकि इसको लिखने मे मैंने भी बहुत समय लगाया है *अपन कोशिश करते है अपने सभी बच्चों को कम से कम इस पोस्ट में दिए गए मंत्र वर्ष 2022 के जून तक कंठस्थ हो जाये* इसके लिए पहले तो हम बडो को ही ये कंठस्थ करने होंगे इसके लिए इसमे दिए कुछ मन्त्र रोज के अपने ज़ूम भजन में पढ़े जाएंगे तो साल भर में अपन सभी को ये याद हो जाएंगे  *_कटु सत्य_* _ईसाईयों को इंग्लिश आती है_ _वो बाइबिल पढ लेते है_ _उधर मुस्लिम को उर्दू आती है_ _वो  कुरान शरीफ़ पढ लेते हैं_ _सिखों को गुरबानी का  पता है_  _वो श्री गुरू ग्रन्थसाहिब_ _पढ लेते है ।_ _हिन्दूओ को संस्कृत नही आती_ _वो ना वेद पढ पाते है_ _और न ही उपनिषद ।_ _इस से बडा दुर्भाग्य_ _और क्या हो सकता है हमारा_ 🔔🌿 *_संस्कृत ही विश्व की सर्वश्रेष्ठ भाषा है इसे अवश्य सीखें_*  *_प्रतिदिन स्मरण योग्य शुभ सुंदर मंत्र। संग्रह_* *_🔹प्रात: कर-दर्शनम्🔹_* _कराग्रे वसते लक्ष्मी_ _करमध्ये सरस्वती।_ _करमूले तू गोविन्दः_ _प्रभाते करदर्शनम्॥_           *_🔸पृथ्वी क्ष...

बाणों की मृत्यु शैया पर पड़े पितामह भीष्म ने कहा

 बाणों की मृत्यु शैया पर पड़े पितामह भीष्म ने कहा-  "कुछ पूछूँ केशव ?    सम्भवतः धरा छोड़ने के पूर्व मेरे अनेक भ्रम समाप्त हो जाँय " तो ठीक . !! श्रीकृष्ण बोले - कहिये न पितामह !  भीष्म बोले- "एक बात बताओ कन्हैया !  इस युद्ध में जो हुआ वो ठीक था क्या ?" श्रीकृष्ण - "किसकी ओर से पितामह  ?  भीष्म पितामह - पांडवों की ओर से  ?" "कौरवों के कृत्यों पर चर्चा का तो अब कोई अर्थ ही नहीं कन्हैया !  पर क्या पांडवों की ओर से जो हुआ वो सही था ?    आचार्य द्रोण का वध, दुर्योधन की जंघा के नीचे प्रहार,  दुःशासन की छाती का चीरा जाना, जयद्रथ और द्रोणाचार्य के साथ हुआ छल, निहत्थे कर्ण का वध, सब ठीक था क्या  ? यह सब उचित था क्या ?  श्रीकृष्ण - कुछ बुरा नहीं हुआ, कुछ अनैतिक नहीं हुआ !  वही हुआ जो हो होना चाहिए था  भिष्म पितामह - "यह तुम कह रहे हो केशव ?  मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का अवतार श्रीकृष्ण कह रहा है ?   यह छल तो किसी युग में हमारे सनातन संस्कारों का अंग नहीं रहा, फिर यह उचित कैसे हो गया केशव ?  ...

भारतीय महिलाएं दंडवत प्रणाम क्यों नहीं करती हैं

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 🙏*भारतीय महिलाएं दंडवत प्रणाम क्यों नहीं करती हैं*🙏 🌷🙏*एक बार चित्र को गौर से देखिए फिर पोस्ट पढ़े,*🙏🌷 *🙏🏻ये है भगवान को प्रणाम करने का सही तरीका।* *आपने कभी ये देखा है कि कई लोग मूर्ति के सामने लेट कर माथा टेकते है... जी हां इसी को साष्टांग दंडवत प्रणाम कहा जाता है।* *🚩शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि इस प्रणाम में व्यक्ति का हर एक अंग जमीन को स्पर्श करता है.. जो कि माना जाता है कि व्यक्ति अपना अहंकार छोड़ चुका है।* *🚩इस आसन के जरिए आप ईश्वर को यह बताते हैं कि आप उसे मदद के लिए पुकार रहे हैं। यह आसन आपको ईश्वर की शरण में ले जाता है।* *लेकिन आपने यह कभी ध्यान दिया है कि महिलाएं इस प्रणाम को क्यों नहीं करती है। इस बारें में शास्त्र में बताया गया है। जानिए क्या?* *🚩🙏🏻शास्त्रों के अनुसार स्त्री का गर्भ और उसके वक्ष कभी जमीन से स्पर्श नहीं होने चाहिए... ऐसा इसलिए क्योंकि उसका गर्भ एक जीवन को सहेजकर रखता है और वक्ष उस जीवन को पोषण देते हैं🙏🏻🙏🏻* *इसलिए इस दंडवत प्रणाम को स्त्रियां नहीं कर सकती है...* *और जो करती भी है उन्हें यह प्रणाम नहीं करना चहिए।🙏🏻🙏🏻*

ज़ीन्यूज़ पर एक डिबेट चल रहा था जिसमे श्री राम मंदिर पर गर्मा गर्म बहस चल रही थी।सपा के एक नेता जो नाम से तो हिन्दू था,लेकिन........

 #ज़ीन्यूज़ पर एक डिबेट चल रहा था जिसमे श्री राम मंदिर पर गर्मा गर्म बहस चल रही थी।सपा के एक नेता जो नाम से तो हिन्दू था,लेकिन........ बार बार राम मंदिर के अस्तित्व पर सवाल उठा रहा था. उसके अनुसार अगर श्री राम का मंदिर तोड़ा गया तो इसका जिक्र तुलसीदास ने क्यो नही किया...????    प्रश्न वाजिब था......वास्तव में मुझे भी सोचने पर मजबूर कर दिया था उस बन्दे ने...      खैर तलाश, रिसर्च प्रारम्भ हुआ और मिल भी गया.... पढ़ें तुलसीदास जी ने भी बाबरी मस्जिद का उल्लेख किया है! सच ये है कि कई लोग तुलसीदास जी की सभी रचनाओं से अनभिज्ञ है और अज्ञानतावश ऐसी बातें करते हैं l वस्तुतः  रामचरित मानस के अलावा तुलसीदास जी ने कई अन्य ग्रंथो की भी रचना की है . तुलसीदास जी ने #तुलसी_शतक में इस घंटना का विस्तार से विवरण भी दिया है . हमारे वामपंथी विचारको तथा इतिहासकारो ने ये भ्रम की स्थति उत्पन्न की , कि रामचरितमानस में ऐसी कोई घटना का वर्णन नही है . श्री नित्यानंद मिश्रा ने जिज्ञाशु के एक पत्र व्यवहार में "तुलसी दोहा शतक " का अर्थ इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रस्तुत किया है | हमनें भी उ...

पुनर्जन्म से सम्बंधित चालीस प्रश्नों को उत्तर सहित पढ़े??

 पुनर्जन्म से सम्बंधित चालीस प्रश्नों को उत्तर सहित पढ़े????? (1) प्रश्न :- पुनर्जन्म किसको कहते हैं ? उत्तर :- जब जीवात्मा एक शरीर का त्याग करके किसी दूसरे शरीर में जाती है तो इस बार बार जन्म लेने की क्रिया को पुनर्जन्म कहते हैं । (2) प्रश्न :- पुनर्जन्म क्यों होता है ? उत्तर :- जब एक जन्म के अच्छे बुरे कर्मों के फल अधुरे रह जाते हैं तो उनको भोगने के लिए दूसरे जन्म आवश्यक हैं । (3) प्रश्न :- अच्छे बुरे कर्मों का फल एक ही जन्म में क्यों नहीं मिल जाता ? एक में ही सब निपट जाये तो कितना अच्छा हो ? उत्तर :- नहीं जब एक जन्म में कर्मों का फल शेष रह जाए तो उसे भोगने के लिए दूसरे जन्म अपेक्षित होते हैं । (4) प्रश्न :- पुनर्जन्म को कैसे समझा जा सकता है ? उत्तर :- पुनर्जन्म को समझने के लिए जीवन और मृत्यु को समझना आवश्यक है । और जीवन मृत्यु को समझने के लिए शरीर को समझना आवश्यक है । (5) प्रश्न :- शरीर के बारे में समझाएँ ? उत्तर :- हमारे शरीर को निर्माण प्रकृति से हुआ है । जिसमें मूल प्रकृति ( सत्व रजस और तमस ) से प्रथम बुद्धि तत्व का निर्माण हुआ है । बुद्धि से अहंकार ( बुद्धि का आभामण्डल ) । अह...